परिचय
श्री मंशापूर्ण महावीर जिनालय

श्री मंशापूर्ण महावीर जैन मंदिर राष्ट्र को समर्पित एक अद्वितीय उपहार है। यह मंदिर पारंपरिक भारतीय देवशिल्प और वास्तु के उच्च मानकों के अनुरूप पूरी तरह से पत्थरों से निर्मित है। इसका मुख्य वेदी, गर्भगृह और 108 सिंहपीठ लोहे से रहित निर्माण विधि से बनाए गए हैं। उत्तरमुखी जिनालय सभी को अपनी ओर आकर्षित करता है।
इस भव्य जिनालय में 27 नक्षत्रों के अनुरूप सोपानों का निर्माण किया गया है। इसमें स्थापित भगवान महावीर स्वामी की अतिशयकारी प्रतिमा लगभग 1200 वर्ष पुरानी है, जो प्राचीन भूगर्भ से प्राप्त हुई है। यह मूर्ति अत्यंत मनोहारी है और मंदिर के गर्भगृह की शोभा बढ़ाती है।

मंदिर का निर्माण दिल्ली एनसीआर क्षेत्र के गाज़ियाबाद जिले के मुरादनगर में 30,000 वर्ग गज भूमि पर किया गया है। यह गंगनहर के किनारे स्थित है, जहाँ प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनोखा संगम है। कहा जाता है कि इस प्रतिमा के दर्शन मात्र से भक्तों के सारे दुःख दूर हो जाते हैं।
महान संत आचार्य श्री 108 सौरभ सागर जी महाराज द्वारा इस मंदिर को 'मंशापूर्ण' नाम दिया गया है, क्योंकि यह सभी की मनोकामनाओं को पूर्ण करता है। जब कोई निराश, दुःखी, या असहाय भक्त यहाँ प्रवेश करता है, तो उसे दिव्य अनुभूति प्राप्त होती है। जीवन आशा टीम की सेवा से यहाँ केवल आध्यात्मिक नहीं बल्कि शारीरिक और मानसिक उपचार भी मिलता है।

